एनीमिया (Anaemia)

रेड ब्लड सेल्स (Red Blood Cells or RBC) रक्त के सबसे प्रमुख सेल्स हैं। रेड ब्लड सेल्स में हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) नाम का केमिकल होता है। ये हीमोग्लोबिन के ज़रिये ऑक्सीजन (oxygen) को पूरे शरीर में पहुंचाते हैं। रेड ब्लड सेल्स और हीमोग्लोबिन शरीर में हड्डीयों के अंदर बोन मेरो (bone marrow) में बनते हैं। आयरन और विटामिन्स (Vitamin) रक्त बनाने में सहयोग देते हैं।

रक्त या खून (Blood) कि कमी को आम तौर पर एनीमिया (Anaemia) कहा जाता है। ये एक प्रकार की बीमारी है जिसमें या तो रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है या फिर हीमोग्लोबिन कम हो जाता है। दोनों ही सूरत में, रक्त में ऑक्सीजन कम मात्रा में होता है, जिससे शरीर को पूरा ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। ऑक्सीजन की कमी से शरीर सही ढंग से काम नहीं करता।

एनीमिया के दोष 
मनुष्य बेचैनी , कमज़ोरी और थकावट महसूस करता है। वो चिड़चिड़ा ओ जाता है। थोडा सा काम भी बोझ लगने लगता है। थोडा चलने या काम करने पर सांस फूलने लगती है। दिल तेज़ी से धड़कने लगता है। कानों में घंटियाँ सी बजने लगती हैं। सूरत से मनुष्य बीमार लगता है।

एनीमिया के प्रमुख कारण
हमारे देश में आयरन कि कमी एनीमिया का सबसे महत्वपूर्ण कारण है। गर्भवती स्त्रियों में आयरन की अधिक मात्रा चाहिए होती है।ज़यादा माहवारी में भी बहुत रक्त बह जाता है, और शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। बढ़ते हुए बच्चों को अधिक मात्रा में आयरन चाहिए होता है। कई बार आंतड़ियां ठीक से काम नहीं करती और शरीर आयरन को ठीक से नहीं ले पाता है । खून के अधिक बहने से भी आयरन कि कमी हो जाती है।

ये सभी कारण शरीर में आयरन कि कमी पैदा करते हैं और शरीर को एनीमिया के रोग से ग्रस्त करते हैं। कई बार गुर्दे कि तकलीफ भी एनीमिया कि तरफ अग्रसर करती है। दूसरे विटामिन्स जैसे की फोलिक एसिड (Folic Acid) और विटामिन बी-12 (Vitamin B-12) की कमी से भी एनीमिया पाया जाता है।

एनीमिया में रेड ब्लड सेल्स कि कमी हो जाती है। वो शरीर में जल्दी जल्दी ख़तम हो जाते हैं। एनीमिया कि वजह से बच्चों का विकास भी रुक जाता है।एनीमिया के भयंकर रूप लेने से पहले ही आप आज ही एनीमिया की जांच करवाएं।

स्वस्थ परिवार ही संपन्न परिवार है।